खान के निरीक्षण के लिए मानदंड
निरीक्षण के लिए खानों के चुनाव का मानदण्ड (खानों के निरीक्षण के लिए भारतीय खान ब्यूरो मैन्युअल के अनुसार)
निरीक्षण के लिए खानों का चयन क्षेत्रीय नियंत्रक, प्रभारी क्षेत्रीय कार्यालय के स्तर पर प्राथमिक मानदण्डों के आधार पर करना है जो निम्नानुसार है :-
1. सभी यंत्रकीकृत खानों
2. सभी भूमिगत खानों
3. अन्य ‘ए’ वर्गीय खानों
4. सभी खानें जिनके पट्टों की अवधि 2 वर्ष के भीतर खत्म हो जाएगी।
5. वे खानें जिनके प्लान का संशोधित अनुमोदन किया गया है, उन खानों का निरीक्षण खान मंत्रालय के पत्र सं.: 16/12/2009-एम.VI, दिनांक 29/10/2010 में दिए गए निर्देशानुसार किया जाना है जो निम्न प्रकार है:
(अ.) 50% से अधिक उत्पादन को बढ़ाने वाली खानों का प्रति 3 महीनों में निरीक्षण किया जाना।
(ब.) 25% से 50% उत्पादन को बढ़ाने वाली खानों का प्रति 6 महीने में निरीक्षण किया जाना है।
(स.) 25% से कम उत्पादन को बढ़ाने वाली खानों का प्रतिवर्ष एक बार निरीक्षण किया जाना है।
6. वे खानें जहाँ संरक्षण की समस्या विद्यमान हो या जहाँ कार्य करने कि विषम परिस्थितियाँ विद्यमान हों जिनको एम.सी.डी.आर. के महत्वपूर्ण प्रावधानों के प्रवर्तन द्वारा कम किया जा सके जिसमें खनन योजना का कार्यान्वयन, खानों का परित्याग संबंधी प्रावधानों का प्रवर्तन तथा/या खनन प्रक्रियाओं का अस्थायी कार्य रोकना शामिल हो जो रिटर्नों और अधिसूचनाओं आदि के पर्यावरण प्रस्तुतीकरण से संबंधित है।
7. क्षेत्र के महत्वपूर्ण खनिजों की एवं उपयुक्त खनिजों की खानें।
8. वें खानें जिनका पिछले 2 वर्षों से अधिक अवधि तक निरीक्षण नहीं किया गया हो।
9. अन्य ‘ ब ’ र्गीय खानें।
