खनिज विकास एवं विनियमन प्रभाग
खनिज विकास एवं विनियमन प्रभाग विभाग की एक प्रमुख विंग (भाग) है, जो कि कानून निर्माण (विधायन) तथा प्रोन्नयन गतिविधियों के द्वारा देश में खनिज संसाधनों के धारणीय विकास को ध्यान में रखते हुए खान एवं इसके निकटस्थ क्षेत्रों में खनिज संरक्षण, खानों का व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक विकास तथा पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करता है । मुख्यालय में यह प्रभाग मुख्य खान नियंत्रक के नेतृत्व में गठित है । खनिज विकास एवं विनियमन प्रभाग के अन्तर्गत 4 आंचलिक कार्यालय तथा 14 क्षेत्रीय कार्यालय है । मुख्य खनन भूविज्ञानी, मुख्य खान नियंत्रक को सहायता प्रदान करते हैं तथा भू वैज्ञानिकीय मानचित्रण प्रकोष्ठ (जिओलोजिकल मेंपिग सेल), खनिज मानचित्र प्रकोष्ठ (मिनरल मेप सेल) तथा ’’टेक्नीकल मेनेजमेंट एण्ड इन्फार्मेशन सिस्टम’’ सेल (टी.एम.आई.एस. सेल) और माइनिंग टेनमेंट सिस्टम परियोजना इनको सहायता प्रदान करते हैं ।
खनिज विकास एवं विनियमन प्रभाग निम्नलिखित गतिविधियां संचालित करता हैं ।
- खनिज संरक्षण एवं विकास नियमावली (एमसीडीआर) 2017 तथा पर्यावरण (सुरक्षा) अधिनियम 1986 के कतिपय प्रावधानों को लागू कराने के लिए खानों का निरीक्षण/जांच करना । भारतीय खान ब्यूरो के अधिकारियों को खानों में प्रवेश तथा निरीक्षण की शक्तिया खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 24 के अन्तर्गत प्राप्त है तथा वे इन नियमों के प्रावधानों को लागू कराने हेतु उत्तरदायी है ।
- खनिज (परमाणु और हाइड्रो कार्बन ऊर्जा खनिज के अलावा) रियायती नियम, 2016 तथा खनिज संरक्षण एवं विकास नियमावली 2017 के अन्तर्गत खनन योजनाओं / खनन की योजनाओं का अनुमोदन/खान बंदी योजना का अनुमोदन
- भूमिगत खानों (अण्डरग्राउण्ड माइन्स) में निखनन हेतु अनुमति प्रदान करना ।
- खानों का विषेश एकीकृत अध्ययन (स्पेशल इंटीग्रेटेड स्टडीज) करना ।
- खनिज संरक्षण और विकास एवं समस्याओं के संबंध में विस्तृत अथवा विषेश अध्ययन करना ।
- पर्यावरणीय सुरक्षा को बढ़ावा देने तथा खनिज संरक्षण के संबंध में जागरूकता हेतु देश के विभिन्न खनन जिलों में प्रतिवर्ष खान पर्यावरण और खनिज संरक्षण सप्ताह का आयोजन करना ।
- केन्द्रीय/राज्य सरकारों को संसद प्रश्नों , मंत्रालय संदर्भ के जवाब देने में सहायता करना तथा समस्त खनिज नीतिगत मामलों में सूत्रीकरण करना ।
- खनन क्षेत्रों का खनिज मानचित्र तथा भूवैज्ञानिकीय मानचित्र तैयार करना तथा पट्टा क्षेत्रों की खानों की सूची का अद्धतनीकरण करना ।
खानों के निरीक्षण/जांच के दौरान खान प्रबंधन को विभिन्न प्रकार का मार्गदर्शन यथा - यथोचित प्रौद्योगिकी को अपनाने, व्यवस्थित खनन, निम्न श्रेणी खनिज को श्रेणी उन्नयन तथा उपयोग, भविष्य में कार्य लेने हेतु खनिज अपसारी को इकट्ठा करने, तथा समस्त पर्यावरणीय प्रबंधन मामलों में मार्गदर्शन दिया जाता है ।
निखनन: नोटिस प्राप्त होने पर खानों का विस्तृत निरीक्षण किया जाता है ताकि पर्याप्त विकास, निखनन के उन्नत तरीके की सम्भाव्यता की जांच, तथा अन्य अनुषंगी मामलों को सुनिश्चित किया जा सके ।
खनन संक्रियाओं के दौरान तथा इनके बंद होने के बाद पर्यावरणीय समस्याओं पर यथेष्ठ ध्यान देते हुए खान प्रबंधकों को यथोचित सलाह दी जाती है ताकि खनन संक्रियाओं से उत्पन्न पर्यावरणीय प्रदूषण् तथा भूमिक्षरण को यथा सम्भव निम्नतम किया जा सके ।
प्रभाग द्वारा खनिज संरक्षण एवं विकास नियमावली 2017 के प्रावधानों का खान मालिकों द्वारा उल्लंघन किये जाने की स्थिति में दोषी खान मालिकों के विरूद्ध न्यायालय में अभियोग दायर करने की कार्रवाई भी की जाती है । खनिज विकास एवं विनियमन प्रभाग के प्रत्येक क्षेत्र (रीजन) में एक खनन योजना व्यथा निवारण समिति (माइनिंग प्लान ग्रीवेन्स कमेटी) गठित की गई है जिसमें खान मालिकों के प्रतिनिधि, खनन योजनाएं तैयार करने वाले योग्य व्यक्ति तथा राज्य के खान एवं भूविज्ञान निदेशालय तथा भारतीय खान ब्यूरो के प्रतिनिधि शामिल है , जोकि आर.क्यू.पी. तथा उद्यमियों की खनन योजनाओं के निपटान से संबंधित समस्याओं को (यदि हो) दूर करती है । इसके अतिरिक्त प्रत्येक क्षेत्र (रीजन) में खनन योजनाएं तैयार करने वाले योग्य व्यक्ति तथा खान प्रबंधन के साथ उन्हें मार्गदर्शन देने तथा खनिज संरक्षण एवं विकास नियमावली 2017 के विभिन्न प्रावधानों को लागू करने में आने वाली परेशानियों को दूर करने के दृष्टिगत प्रतिवर्ष बैठक का आयोजन किया जाता है ।
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मुख्य खान नियंत्रक
दूसरा तल, ब्लॉक ’ए’,
इन्दिरा भवन, सिविल लाईन, नागपुर-440001
टेलीफोन नम्बर - 91-712-2560961
फैक्स नम्बर - 0-712-2565488
ई-मेल - ccom[at]ibm[dot]gov[dot]in
